बिहार का इतिहास (History of Bihar)
10 सालों के अनुभव से जानिए क्यों पिछड़ गया हमारा बिहार? 10 सालों तक देश के अलग-अलग राज्यों को करीब से देखने के बाद एक सवाल बार-बार मन में उठता है— आखिर बिहार विकास की इस दौड़ में इतना पीछे क्यों छूट गया? बिहार का नाम लेते ही सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। यह वही धरती है जिसने भारत को साम्राज्य दिए, दुनिया को ज्ञान दिया, धर्म और दर्शन को नई दिशा दी और स्वतंत्रता आंदोलन को नई ताकत दी। लेकिन जब इसी बिहार की आज की तस्वीर सामने आती है, तो गर्व के साथ एक गहरी टीस भी महसूस होती है। एक तरफ हमारा गौरवशाली अतीत है और दूसरी तरफ आज का वह युवा है, जिसके पास सपने तो हैं, मेहनत करने का जज़्बा भी है, लेकिन अपने ही राज्य में अवसर सीमित हैं। सवाल सिर्फ यह नहीं है कि बिहार पीछे क्यों है। असली सवाल यह है कि इतने सामर्थ्य के बावजूद बिहार आगे क्यों नहीं बढ़ पाया? --- बिहार सिर्फ एक राज्य नहीं, इतिहास की एक बड़ी कहानी है आज के बिहार को समझने के लिए उसके अतीत को समझना जरूरी है। प्राचीन काल में वर्तमान बिहार का क्षेत्र मगध के नाम से जाना जाता था और यह भारतीय इतिहास का एक प्रमुख राजनीतिक, सांस्कृतिक और बौद...